जय काली जय काली काली महारानी।
जगत जननी तुम हो सब की स्वामिनी॥
जय काली जय काली।
श्यामा रूप भयंकरी माँ चंडी भवानी।
महिषासुर मर्दिनी त्रिभुवन की रानी॥
जय काली जय काली।
खड्ग त्रिशूल धारिणी नरमुण्ड माला।
दिगम्बर रूप सुहावन विकराल भाला॥
जय काली जय काली।
काशी में विश्वनाथ संग वास तुम्हारा।
तारण तरण मोक्ष दायिनी नाम तुम्हारा॥
जय काली जय काली।
दक्षिणेश्वरी काली कोलकाता विराजे।
भक्त के हृदय में नित्य माँ तुम साजे॥
जय काली जय काली।
जो माँ काली का ध्यान लगावे। उसका सब दुख दूर हो जावे॥
रात्रि पूजन जो भक्त करे माँ। तारण करो माँ सब जन का॥
जय काली जय काली।
ॐ काली काली महाकाली काली। कालिके काली नमो नमो॥
जय काली जय काली।
Goddess Kali is the divine mother and a powerful form of Goddess Durga. She represents time (Kala), transformation and the destruction of evil. Despite her fierce appearance, she is the most compassionate protector of devotees. Her famous temples include Dakshineswar Kali Temple in Kolkata and Kalighat Temple. She is especially worshipped during Navratri and Kali Puja (Diwali night in Bengal).
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